By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: सुप्रीम कोर्ट को ‘बिन मांगी सलाह’ देना पड़ा भारी, निचली अदालत के जज से मांगा स्पष्टीकरण
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
देश

सुप्रीम कोर्ट को ‘बिन मांगी सलाह’ देना पड़ा भारी, निचली अदालत के जज से मांगा स्पष्टीकरण

News Desk
Last updated: 2026/10/04 at 1:16 PM
News Desk
Share
3 Min Read
सुप्रीम कोर्ट को ‘बिन मांगी सलाह’ देना पड़ा भारी, निचली अदालत के जज से मांगा स्पष्टीकरण
SHARE

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के एक जज के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है. दरअसल, जज ने सुप्रीम कोर्ट को जमानत कानून को लेकर बिन मांगी सलाह दे दी थी. कोर्ट ने इस मामले में रजिस्ट्री को संबंधित जज से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है.

मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का है. यहां बारासात के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एक आपराधिक मामले की सुनवाई कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में इस मामले की सुनवाई तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया था.

तीन महीने की तय अवधि में ट्रायल पूरा नहीं हो सका. इसके बाद जज ने 11 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखा. इसमें ट्रायल पूरा करने के लिए और समय मांगा गया.

जज ने पत्र में बताया कि मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है. लेकिन लेटर के आखिरी दो पैराग्राफ में उन्होंने जमानत को लेकर SC को सलाह दे दी. उन्होंने लिखा कि यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उच्च अदालत को किन मामलों में जमानत देनी चाहिए और किन मामलों में जमानत नहीं देनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी
जज के इस पत्र पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ काफी असहज हुई. जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस पर कड़ी टिप्पणी की.

पीठ ने कहा कि ट्रायल जज ने जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय मांगा, उससे वह काफी परेशान है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी पीठासीन अधिकारी का काम सुप्रीम कोर्ट को यह सलाह देना नहीं है कि उसे कब जमानत देनी चाहिए और कब नहीं.

सुप्रीम कोर्ट ने पत्र की भाषा और उसमें दी गई सलाह पर गंभीर आपत्ति जताई. कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि संबंधित जज से जल्द से जल्द स्पष्टीकरण मांगा जाए. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि आखिर जज ने इस तरह की टिप्पणी क्यों की. अब जज के जवाब के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा.

इसी तरह के एक दूसरे मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के जजों को अहम सलाह दी है. जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदूरकर की पीठ ने जमानत याचिकाओं की सुनवाई को लेकर टिप्पणी की.

पीठ ने कहा कि जजों को अपने निजी नैतिक विचार या व्यक्तिगत मूल्य फैसलों पर नहीं थोपने चाहिए. जमानत याचिका पर फैसला कानून और मामले के तथ्यों के आधार पर होना चाहिए. कोर्ट की इस टिप्पणी का मतलब साफ है कि जमानत जैसे मामलों में न्यायिक फैसले व्यक्तिगत सोच से नहीं, बल्कि कानून और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होने चाहिए.
 

You Might Also Like

मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला

भारत की माइक्रो मिसाइल ‘ज्वाला’ की तैयारी तेज, दो रॉकेट मोटर्स का टेस्ट सफल

रूसी सेना से भारतीय नागरिकों की वापसी तेज, 140 की घर वापसी; 55 अभी भी फंसे

बेंगलुरु-मुंबई सफर अब 16 घंटे में! 1137 KM रूट पर जल्द दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर, किराया ₹3000

असम के जंगलों में लौटी रौनक, मानस-काजीरंगा में सफारी शुरू; 13 अक्टूबर को खुलेगा पोबितोरा

News Desk October 4, 2026 October 4, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला
Next Article नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नवरात्र पर ऑटोमोबाइल बाजार में जोरदार तेजी, 9 हजार वाहन होंगे डिलीवर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नवरात्र पर ऑटोमोबाइल बाजार में जोरदार तेजी, 9 हजार वाहन होंगे डिलीवर
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

संसद की स्थायी समितियों का पुनर्गठन: शशि थरूर फिर बने विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष
संसद की स्थायी समितियों का पुनर्गठन: शशि थरूर फिर बने विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष
राजनीती
फ्लाइट में जानलेवा हमला टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर बने दुनिया के हीरो
फ्लाइट में जानलेवा हमला टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर बने दुनिया के हीरो
विदेश
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नवरात्र पर ऑटोमोबाइल बाजार में जोरदार तेजी, 9 हजार वाहन होंगे डिलीवर
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नवरात्र पर ऑटोमोबाइल बाजार में जोरदार तेजी, 9 हजार वाहन होंगे डिलीवर
व्यापार
मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला
मक्का पैक्ट से दूर हुआ मिस्र: पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत के पक्ष में बड़ा फैसला
देश
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Rohit Sharma
मोबाइल - 7062483333
ईमेल -
कार्यालय - Naya Para,Dau Mil Gali Jagdalpur - 494001
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?