By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान: डॉ. एम.एल. नायक…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान: डॉ. एम.एल. नायक…

News Desk
Last updated: 2025/08/29 at 8:45 PM
News Desk
Share
4 Min Read
जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान: डॉ. एम.एल. नायक…
SHARE

रायपुर: भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ की जैव विविधता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रख्यात विषय विशेषज्ञ,पूर्व महानिदेशक विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान एवं सदस्य राज्य जैव विविधता सरक्षण बोर्ड डॉ एम.एल.नायक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान है। हमारा छत्तीसगढ़ जैव विविधता से समृद्ध है। आज इस समृद्ध जैव विविधता का सरंक्षण जरूरी है।

डॉ. नायक ने कहा कि जैव विविधतता से तात्पर्य पृथ्वी पर जीन,स्पिसिज व इकोसिस्टम स्तर की विभिन्न प्रकार की विविधताओं की उपलब्धतता से है। भारत सरकार द्वारा जैव विविधतता अधिनियम 2002 में पारित किया गया। केंद्र स्तर के जैव विविधतता नियम भारत सरकार ने वर्ष 2004 में बनाये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने जैव विविधता नियम वर्ष 2015 में जारी किया।

डॉ. नायक ने कहा कि भारत की भूमि सम्पूर्ण पृथ्वी का मात्र 2 प्रतिशत है जिसमें जैव विविधता की उपलब्धतता 7 प्रतिशत है। मानव जीवन का अस्तित्व इन्हीं जैव विविधतताओं की उपलब्धता से दृढ़ता से जुड़ा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में बताया कि यहां 40 प्रतिशत भू-भाग पर वन हैं और राज्य विभिन्न प्रकार की समृद्ध जैव विविधताओं से परिपूर्ण है। उपलब्ध ऑकड़ों के अनुमान से राज्य में 3000 फूल वाले पौधे, 36 स्तनधारी जीव, 383 पक्षी, 73 सरीसृप प्राणी, 173 तितलियों की प्रजाति पायी जाती हैं। बहुत से जैव विविधतायें विलुप्त होने के कगार पर है एवं उनके संरक्षण के त्वरित व गंभीर प्रशासनिक प्रयास की आवश्यकता है।

डॉ नायक ने कहा अभी भी छत्तीसगढ़ में पेड़ पौधों की कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनका खोज किया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि उन्हें कांगेर वैली में लंबे समय तक जैव विविधता पर कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्हें कांगेर धारा के पास एक अनूठी प्रजाति के पीपल का वृक्ष मिला। डॉ नायक ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में खोजे गए इस नई प्रजाति के पीपल का नामकरण उनके नाम पर फाइकस नायकाई किया गया है। आईआईपीए छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष ने डॉ. सुयोग्य कुमार मिश्रा सहित सभी सदस्यों ने डॉ नायक को बधाई देते हुए इस खोज को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के संबंध में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा अध्यक्ष श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्य का लोक प्रशासन संस्थान माननीय उप राष्ट्रपति जी की अध्यक्षता एवं माननीय मंत्री कार्मिक मंत्रालय की सह अध्यक्षता में भारत सरकार कार्मिक मंत्रालय के तहत पजीकृत सोसायटी के रूप में कार्य कर रहे भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली की राज्य स्तरीय शाखा के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही संस्था अपने प्रारंभिक अवस्था में धीरे धीरे आगे बढ़ने व लोक प्रशासन संबंधित अपेक्षित उद्देश्य को पूर्ण करने की दिशा में प्रयत्नशील है।

अब तक लोक प्रशासन से संबधित महत्वपूर्ण विषय चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों-पूर्ण किये गये अद्यतन चुनावों के अनुभव, जीवन प्रबंधन, छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी जिलों का विकास, राज्य के छत्तीसगढ़ नामकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, आर्टिफिसियल इन्टेलिजेंस और डिजिटल लोक प्रशासन काल में प्रशासनिक नेतृत्व जैसे गंभीर विषयों पर राज्य के प्रशासनिक कार्यों से संबंधित राज्य के प्रबुद्ध जनों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का वर्कशॉप व विचार विमर्श आयोजित किया गया था। इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष द्वय पूर्व अपर मुख्य सचिव श्रीमती इन्दिरा मिश्रा और श्री अजय सिंह, सचिव श्री अनुप श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

You Might Also Like

अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

’ग्रामीण विकास में पंच-सरपंचों की सक्रिय भागीदारी जरूरी- वन मंत्री केदार कश्यप’…..

’उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीन गांवों में 1.55 करोड़ रुपए के गौरव पथ निर्माण का किया भूमिपूजन’…..

सेवा के 25 वर्ष: राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण को समर्पित प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरक यात्रा – मंत्री राजेश अग्रवाल…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में संवेदनशील शासन, पारदर्शी व्यवस्था और जनभागीदारी से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास….

News Desk August 29, 2025 August 29, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article नीति आयोग राष्ट्रीय कार्यशाला: उच्च शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता में मेंटरशिप पर विशेषज्ञों ने रखे विचार…. नीति आयोग राष्ट्रीय कार्यशाला: उच्च शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता में मेंटरशिप पर विशेषज्ञों ने रखे विचार….
Next Article मदिरा के अवैध विक्रय और परिवहन पर नियंत्रण करना सुनिश्चित करें: आबकारी मंत्री देवांगन… मदिरा के अवैध विक्रय और परिवहन पर नियंत्रण करना सुनिश्चित करें: आबकारी मंत्री देवांगन…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

शादी से पहले साहू के विवाहित होने की जानकारी नहीं थी: रेखा आर्य
शादी से पहले साहू के विवाहित होने की जानकारी नहीं थी: रेखा आर्य
राज्य
शादी से पहले साहू के विवाहित होने की जानकारी नहीं थी: रेखा आर्य
शादी से पहले साहू के विवाहित होने की जानकारी नहीं थी: रेखा आर्य
राज्य
उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल बनेंगे डॉ. ढाल सिंह बिसेन, 19 अक्टूबर को लेंगे शपथ
उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल बनेंगे डॉ. ढाल सिंह बिसेन, 19 अक्टूबर को लेंगे शपथ
राज्य
उत्तराखंड के लोक कलाकारों का मानदेय तीन गुना से अधिक बढ़ाने की तैयारी, 3000 रुपये प्रतिदिन मिल सकते हैं
उत्तराखंड के लोक कलाकारों का मानदेय तीन गुना से अधिक बढ़ाने की तैयारी, 3000 रुपये प्रतिदिन मिल सकते हैं
राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Rohit Sharma
मोबाइल - 7062483333
ईमेल -
कार्यालय - Naya Para,Dau Mil Gali Jagdalpur - 494001
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?