By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: जिस रणजी से बनते हैं टीम इंडिया के खिलाड़ी, उसी के कार्यक्रम पर उठे सवाल; BCCI पर बढ़ा दबाव
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
खेल

जिस रणजी से बनते हैं टीम इंडिया के खिलाड़ी, उसी के कार्यक्रम पर उठे सवाल; BCCI पर बढ़ा दबाव

News Desk
Last updated: 2026/10/13 at 2:05 PM
News Desk
Share
9 Min Read
जिस रणजी से बनते हैं टीम इंडिया के खिलाड़ी, उसी के कार्यक्रम पर उठे सवाल; BCCI पर बढ़ा दबाव
SHARE

नई दिल्ली
नए सीजन की शुरुआत के साथ यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है. एक तरफ राज्य टीमें मैदान पर उतरकर खिताब की दौड़ में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रही हैं, तो दूसरी तरफ इंडिया-ए के कार्यक्रमों के कारण कई प्रमुख खिलाड़ी अपनी घरेलू टीमों के लिए उपलब्ध नहीं हैं. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर ने भी घरेलू क्रिकेट की व्यवस्था और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के मूल्यांकन पर सवाल उठाए हैं. संदेश साफ है- रणजी की अहमियत सिर्फ भाषणों और सलाह तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. इसे बोर्ड के फैसलों में भी दिखना चाहिए.

रणजी के बीच इंडिया-ए का दौरा क्यों?
रणजी ट्रॉफी का नया सीजन 11 अक्टूबर से शुरू हुआ. इसी दिन इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच तीन मैचों की अनऑफिशियल वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला भी खेला गया. इसके कारण रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी अपनी राज्य टीमों के लिए उपलब्ध नहीं थे. पाटीदार मध्य प्रदेश, पडिक्कल कर्नाटक और गायकवाड़ महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं.

अब इंडिया-ए की टीम 24 अक्टूबर से 7 नवंबर तक न्यूजीलैंड में तीन चार दिवसीय मुकाबले खेलेगी. यह दौरा भी रणजी ट्रॉफी के बीच हो रहा है. यानी घरेलू सीजन के दौरान एक बार फिर कई खिलाड़ी अपनी राज्य टीमों से दूर रहेंगे. सवाल यह है कि जब रणजी का कार्यक्रम पहले से तय है, तो इंडिया-ए के दौरों की तारीखें इस तरह क्यों रखी जाती हैं कि दोनों प्रतियोगिताओं के बीच टकराव पैदा हो?

इंडिया-ए के दौरे जरूरी हैं. इनसे खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों का अनुभव मिलता है और चयनकर्ताओं को भविष्य के विकल्प तैयार करने का मौका मिलता है. लेकिन क्या इन दौरों का कार्यक्रम रणजी ट्रॉफी से टकराए बिना नहीं बनाया जा सकता?

पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने इसी मुद्दे पर आपत्ति जताई है. उनका मानना है कि रणजी के दौरान इंडिया-ए का दौरा आयोजित करने से घरेलू टूर्नामेंट की अहमियत कम होती है. उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि यदि मुख्य टीम को विदेशी परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए जल्दी भेजना जरूरी है, तो उसे पहले रवाना किया जा सकता है. ऐसे खिलाड़ियों के लिए अलग दौरा आयोजित करने का क्या औचित्य है, जिनके टेस्ट सीरीज में खेलने की संभावना ही न हो?

वेंगसरकर का सवाल घरेलू क्रिकेट की प्राथमिकताओं से जुड़ा है. राज्य टीमों को भी अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलना चाहिए. प्रमुख बल्लेबाजों और गेंदबाजों की गैरमौजूदगी से टीमों का संयोजन, तैयारी और मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है. खिलाड़ियों को इंडिया-ए के अवसर जरूर मिलने चाहिए, लेकिन बेहतर योजना बनाकर घरेलू क्रिकेट को कमजोर होने से बचाना भी बोर्ड की जिम्मेदारी है.

खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से कैसे होगा सही मूल्यांकन?
रणजी ट्रॉफी उन खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा मंच है, जो लंबे प्रारूप में अपनी काबिलियत साबित कर टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाना चाहते हैं. लेकिन जब प्रमुख खिलाड़ी अपनी राज्य टीमों के लिए उपलब्ध नहीं होते, तो मुकाबलों की परिस्थितियां भी बदल जाती हैं. मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ गेंदबाजी करना और कमजोर बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ विकेट लेना एक जैसा अनुभव नहीं है. इसी तरह मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने रन बनाना किसी बल्लेबाज की तकनीक और धैर्य की अलग परीक्षा लेता है.

वेंगसरकर की चिंता है कि यदि प्रमुख घरेलू खिलाड़ी इंडिया-ए के लिए खेलेंगे, तो रणजी में प्रदर्शन करने वाले दूसरे खिलाड़ियों के आकलन पर भी असर पड़ सकता है. यह सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धता का मामला नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन की अहमियत और चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता से भी जुड़ा है.

बीसीसीआई को समझना होगा कि रणजी में बनाए गए रन और लिए गए विकेट खिलाड़ियों के करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. यहां प्रदर्शन के आधार पर ही उन्हें आगे बढ़ने की उम्मीद होती है. ऐसे में टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा मजबूत रखना और खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना जरूरी है.

रणजी के रन टीम इंडिया में सफलता की गारंटी क्यों नहीं?
सुनील गावस्कर ने भी घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के मूल्यांकन पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने या विकेट लेने वाले कुछ खिलाड़ी भारतीय टीम में पहुंचने के बाद संघर्ष करते हैं. कुछ जल्द टीम से बाहर हो जाते हैं, जबकि कुछ को दोबारा मौका मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है.

यह सही है कि रणजी में अच्छा प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सफलता की गारंटी नहीं है. दोनों स्तरों की चुनौतियां अलग हैं. लेकिन सवाल यह भी है कि घरेलू प्रदर्शन का आकलन करते समय खिलाड़ियों को मिले अवसरों, विरोधियों के स्तर और परिस्थितियों को कितनी गंभीरता से देखा जाता है?

रणजी ट्रॉफी सिर्फ रन और विकेट का हिसाब नहीं है. यह खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप की तकनीक, धैर्य, दबाव में बल्लेबाजी और लगातार कई दिन अच्छा क्रिकेट खेलने की आदत सिखाती है. टेस्ट क्रिकेट के लिए इन गुणों की खास अहमियत है. ऐसे में अगर इस टूर्नामेंट के कार्यक्रम में ही बार-बार टकराव पैदा होगा, तो मुकाबलों की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित हो सकती है.

ईरानी कप से रणजी तक, कैलेंडर पर सवाल
यह समस्या मौजूदा सीजन तक सीमित नहीं दिखती. 2025-26 रणजी ट्रॉफी चैम्पियन जम्मू-कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच ईरानी कप के दौरान भी इंडिया-ए के ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ बहुदिवसीय मुकाबलों के कारण प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठे थे. अब रणजी के शुरुआती दौर का इंडिया-ए की वनडे सीरीज से टकराना और फिर न्यूजीलैंड दौरे का घरेलू सीजन के बीच पड़ना इसी समस्या को फिर सामने लाता है.

बीसीसीआई के सामने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, खिलाड़ियों की तैयारी और घरेलू टूर्नामेंट के बीच तालमेल बैठाने की चुनौती जरूर है. हर कार्यक्रम को पूरी तरह अलग रखना हमेशा संभव नहीं होता. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि घरेलू क्रिकेट की जरूरतों को बार-बार पीछे कर दिया जाए. इंडिया-ए के दौरों की तारीखें तय करते समय रणजी के कार्यक्रम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. जहां टकराव टालना संभव न हो, वहां उसके असर को कम करने के विकल्प तलाशे जाने चाहिए.

रणजी को सम्मान चाहिए, सिर्फ सलाह नहीं
गावस्कर ने घरेलू प्रदर्शन के मूल्यांकन पर सवाल उठाए हैं, जबकि वेंगसरकर ने रणजी के दौरान इंडिया-ए के दौरे आयोजित करने पर आपत्ति जताई है. दोनों की चिंताएं एक बड़े सवाल की ओर इशारा करती हैं- क्या भारतीय क्रिकेट का घरेलू ढांचा अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है?

रणजी ट्रॉफी को मजबूत बनाने के लिए उसके कार्यक्रम को प्राथमिकता देना, प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और घरेलू प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है. खिलाड़ियों को भरोसा होना चाहिए कि उनकी मेहनत और प्रदर्शन को सही महत्व मिलेगा.

बीसीसीआई को तय करना होगा कि रणजी ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट की बुनियाद है या अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के बीच फिट की जाने वाली एक औपचारिक प्रतियोगिता. आखिर रणजी में अच्छा प्रदर्शन करने की सलाह खिलाड़ियों को ही क्यों दी जाए? बोर्ड को भी अपने फैसलों से साबित करना होगा कि वह इस टूर्नामेंट को उतनी ही अहमियत देता है, जितनी टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है.

You Might Also Like

पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल का फिर जुड़ा रिश्ता, सगाई टूटने के बाद लिया साथ रहने का फैसला

चीन की झेंग क्निवेन ने रचा इतिहास, मीरा आंद्रिवा को हराकर पहली बार जीता चाइना ओपन खिताब

संजू सैमसन की टीम इंडिया में जगह पर सवाल, क्या वेस्टइंडीज सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

इंदौर T20 में भारत की जीत, वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त

इंदौर में टीम इंडिया का जलवा, वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की

News Desk October 13, 2026 October 13, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article न्यूयॉर्क से इजरायल जा रही डेल्टा फ्लाइट में बम की सूचना, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप न्यूयॉर्क से इजरायल जा रही डेल्टा फ्लाइट में बम की सूचना, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप
Next Article वैश्विक मंदी और युद्ध के बीच भारत की अर्थव्यवस्था चमकी, IMF ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया वैश्विक मंदी और युद्ध के बीच भारत की अर्थव्यवस्था चमकी, IMF ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

वैश्विक मंदी और युद्ध के बीच भारत की अर्थव्यवस्था चमकी, IMF ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया
वैश्विक मंदी और युद्ध के बीच भारत की अर्थव्यवस्था चमकी, IMF ने GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया
देश
न्यूयॉर्क से इजरायल जा रही डेल्टा फ्लाइट में बम की सूचना, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप
न्यूयॉर्क से इजरायल जा रही डेल्टा फ्लाइट में बम की सूचना, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप
विदेश
Hyundai Bayon की एंट्री से मचेगा SUV बाजार में धमाल, ₹11 हजार में बुकिंग शुरू; मिलेंगे हाईटेक फीचर्स
Hyundai Bayon की एंट्री से मचेगा SUV बाजार में धमाल, ₹11 हजार में बुकिंग शुरू; मिलेंगे हाईटेक फीचर्स
व्यापार
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल का फिर जुड़ा रिश्ता, सगाई टूटने के बाद लिया साथ रहने का फैसला
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल का फिर जुड़ा रिश्ता, सगाई टूटने के बाद लिया साथ रहने का फैसला
खेल
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Rohit Sharma
मोबाइल - 7062483333
ईमेल -
कार्यालय - Naya Para,Dau Mil Gali Jagdalpur - 494001
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?