By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: भारत-रूस की दोस्ती बदलेगी एयरोस्पेस की तस्वीर! IL-114-300 पर हो सकती है बड़ी डील
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
देश

भारत-रूस की दोस्ती बदलेगी एयरोस्पेस की तस्वीर! IL-114-300 पर हो सकती है बड़ी डील

News Desk
Last updated: 2026/09/11 at 9:05 AM
News Desk
Share
9 Min Read
भारत-रूस की दोस्ती बदलेगी एयरोस्पेस की तस्वीर! IL-114-300 पर हो सकती है बड़ी डील
SHARE

 नई दिल्ली

रूस अब भारत के साथ सिर्फ पारंपरिक रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं रहना चाहता. वह नागरिक विमानन क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रूस एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (यूएसी) के सीईओ वादिम बाडेखा ने हाल ही में बताया कि पिछले छह महीनों में भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। 

नई दिल्ली में चल रहे इन्नोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते औपचारिक रूप लेने वाले हैं. इस प्रदर्शनी में 120 से ज्यादा रूसी और भारतीय कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. यह आयोजन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है, जिससे दोनों देशों के औद्योगिक सहयोग को गति मिलने की उम्मीद है। 

सबसे ज्यादा चर्चा आईएल-114-300 क्षेत्रीय यात्री विमान को लेकर हो रही है. यह विमान छोटी और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए बनाया गया है. रूसी कंपनियां भारतीय एयरलाइंस और ऑपरेटरों को यह विमान बेचने के लिए सक्रिय हैं। 

प्रस्तावित सौदों में पिनेकल एयर के लिए 50 विमान, एयर केरल के लिए 20 विमान और स्लीक एविएशन से जुड़े एमओयू के तहत 35 विमान शामिल हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि रूस पक्ष भारत में कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले विमानों की बड़ी मांग देख रहा है। 

आईएल-114-300: क्षेत्रीय उड़ानों का संभावित गेम चेंजर
आईएल-114-300 एक टर्बोप्रॉप क्षेत्रीय यात्री विमान है जिसे रूस यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने विकसित किया है. यह विमान मुख्य रूप से छोटे शहरों और क्षेत्रीय मार्गों को जोड़ने के लिए उपयुक्त माना जाता है. भारत जैसे विशाल देश में जहां कई छोटे शहर अभी भी अच्छी हवाई कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे विमान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 

जनवरी में विंग्स इंडिया एविएशन एग्जीबिशन के दौरान हैदराबाद में यूएसी ने भारतीय कंपनी फ्लेमिंगो एयरोस्पेस के साथ छह आईएल-114-300 विमानों की संभावित आपूर्ति के लिए प्रारंभिक समझौता किया था. अब इन्नोप्रोम के दौरान इससे बड़े सौदे होने की संभावना जताई जा रही है। 

अगर ये समझौते सफल होते हैं तो यह न सिर्फ रूसी विमानों के लिए भारतीय बाजार का दरवाजा खोलेगा बल्कि भारत की क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को भी नई दिशा देगा. भारतीय पक्ष के लिए यह आकर्षक इसलिए भी है क्योंकि कई घरेलू ऑपरेटर छोटे विमानों की तलाश में हैं जो कम यात्री क्षमता वाले मार्गों पर आर्थिक रूप से प्रैक्टिकल हों. बड़े जेट विमान इन मार्गों पर घाटे में चलते हैं, जबकि टर्बोप्रॉप विमान ईंधन की बचत और संचालन लागत कम रखने में मदद कर सकते हैं। 

एसजे-100 का स्थानीय उत्पादन: मेक इन इंडिया की दिशा में कदम
आईएल-114-300 के अलावा रूस पक्ष एसजे-100 क्षेत्रीय जेट के भारत में स्थानीय उत्पादन पर भी गंभीरता से काम कर रहा है. यूएसी के अनुसार इस विषय पर बातचीत लगभग 80% पूरी हो चुकी है. जल्द ही समझौता होने की उम्मीद है. इससे पहले यूएसी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने एसजे-100 के संयुक्त लाइसेंस प्राप्त उत्पादन से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। 

एसजे-100 एक आधुनिक क्षेत्रीय जेट है जिसे रूस ने विकसित किया है. भारत में इसका उत्पादन शुरू होने से न सिर्फ तकनीक का हस्तांतरण होगा बल्कि स्थानीय निर्माण क्षमता भी बढ़ेगी. भारतीय कंपनियां अगर इस विमान का बड़ा हिस्सा देश में ही बना पाती हैं तो लागत कम होगी, रोजगार बढ़ेगा और भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी खुलेंगी।

स्थानीय उत्पादन की बातचीत इतनी आगे बढ़ना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच सिर्फ खरीदार-विक्रेता का रिश्ता नहीं बल्कि साझा विनिर्माण साझेदारी बनेगी. रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे सहयोग के बाद नागरिक विमानन में भी ऐसा मॉडल अपनाना दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। 

भारत-रूस सहयोग का नया अध्याय
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग दशकों पुराना है. लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, मिसाइल सिस्टम और अन्य प्लेटफॉर्म दोनों देशों के रिश्ते की रीढ़ रहे हैं. अब रूस नागरिक विमानन क्षेत्र में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है. पश्चिमी देशों पर प्रतिबंधों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच रूस नए बाजारों की तलाश में है. भारत उसकी नजर में एक बड़ा और स्थिर बाजार है। 

इन्नोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी इसी रणनीति का हिस्सा लगती है. यहां सिर्फ विमान सौदों की बात नहीं हो रही बल्कि औद्योगिक सहयोग के कई अन्य क्षेत्रों पर भी चर्चा हो रही है. 120 से अधिक कंपनियों की भागीदारी से साफ है कि दोनों देश सिर्फ सरकारी स्तर पर नहीं बल्कि निजी क्षेत्र से भी रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं। 

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भारत सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के प्रयास चल रहे हैं. रूसी क्षेत्रीय विमान अगर प्रतिस्पर्धी कीमत और विश्वसनीय सेवा के साथ आते हैं तो वे इस लक्ष्य को पूरा करने में मददगार साबित हो सकते हैं. साथ ही स्थानीय उत्पादन से भारत की विमानन विनिर्माण क्षमता भी मजबूत होगी। 

संभावनाएं और चुनौतियां दोनों मौजूद
ये प्रस्ताव आशाजनक जरूर हैं लेकिन कई चुनौतियां भी हैं. सबसे पहले प्रमाणन और नियामक मंजूरी का मुद्दा. किसी भी नए विमान को भारतीय आसमान में उड़ान भरने के लिए सख्त सुरक्षा और प्रमाणन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. दूसरी चुनौती रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता है. लंबे समय तक विमानों को सुचारू रूप से चलाने के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम जरूरी होता है। 

तीसरी चुनौती कॉम्पीटिशन है. भारतीय बाजार में अन्य देशों के क्षेत्रीय विमान भी मौजूद हैं या आने की कोशिश कर रहे हैं. कीमत, फ्यूल एफिसिएंसी, यात्री सुविधा और आफ्टर सेल्स सपोर्ट जैसे मुद्दे फैसला करने वाले साबित होंगे. चौथी बात फाइनेंशियल सपोर्ट की है. बड़े सौदों के लिए आसान ऋण सुविधा या लीजिंग व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। 

इन चुनौतियों के बावजूद रूस पक्ष आशावादी नजर आ रहा है. पिछले छह महीनों में हुई प्रगति और इन्नोप्रोम में संभावित समझौते इस बात का संकेत देते हैं कि दोनों देश व्यावहारिक सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. अगर आईएल-114-300 के बड़े ऑर्डर और एसजे-100 का स्थानीय उत्पादन दोनों सफल होते हैं तो यह भारत-रूस एयरोस्पेस संबंधों का नया अध्याय साबित हो सकता है। 

आगे की राह और रणनीतिक महत्व

भारत के लिए यह सहयोग कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है. 

    पहला- क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी में सुधार. 
    दूसरा- घरेलू विनिर्माण क्षमता का विकास. 
    तीसरा- आपूर्ति स्रोतों में विविधता. 

एक ही देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत रूस विकल्प उपयोगी साबित हो सकता है. रूस के लिए भारत एक बड़ा बाजार है जहां वह अपने नागरिक विमानों को जगह दे सकता है. साथ ही स्थानीय उत्पादन से वह तकनीक साझा कर दीर्घकालिक साझेदारी बना सकता है। 

ब्रिक्स जैसे मंचों पर दोनों देश पहले से सहयोग कर रहे हैं. औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को और गहरा करने से यह रिश्ता और मजबूत होगा. कुल मिलाकर, इन्नोप्रोम इंडिया में होने वाले संभावित समझौते सिर्फ कुछ विमानों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेंगे। 

वे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, स्थानीय विनिर्माण और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकते हैं. IL-114-300 और SJ-100 जैसे प्रस्ताव अगर धरातल पर उतरते हैं तो भारत-रूस सहयोग रक्षा से आगे बढ़कर नागरिक एयरोस्पेस क्षेत्र में भी मजबूती से स्थापित हो जाएगा. यह दोनों देशों के लिए आपसी लाभ का नया अध्याय साबित हो सकता है। 

 

You Might Also Like

NRI कपल के बच्चों की कस्टडी पर SC की टिप्पणी, कहा- विदेशी अदालतों के आदेश आंख मूंदकर नहीं मान सकते

नागास्त्र-2 अटैक ड्रोन सेना को मिला, स्वदेशी रक्षा तकनीक से बढ़ेगी भारतीय सेना की ताकत

8th Pay Commission: ज्यादा बेसिक पे या भत्ते, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए क्या होगा फायदेमंद?

भारत के हथियारों का यूरोप में बढ़ा दबदबा, 13 देशों तक पहुंचा रक्षा निर्यात

वीबी-जी राम जी में उन्नत फेस ऑथेंटिकेशन फीचर लॉन्च

News Desk September 11, 2026 September 11, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article Uttarakhand News: पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं, ‘अभूतपूर्व’ हैं… हल्द्वानी में CM धामी ने किया सैनिकों और वीरांगनाओं का सम्मान….. Uttarakhand News: पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं, ‘अभूतपूर्व’ हैं… हल्द्वानी में CM धामी ने किया सैनिकों और वीरांगनाओं का सम्मान…..
Next Article समुद्र के बीच बनेगा दुनिया का पहला एनर्जी आइलैंड, 3.5 GW बिजली पैदा करने की तैयारी समुद्र के बीच बनेगा दुनिया का पहला एनर्जी आइलैंड, 3.5 GW बिजली पैदा करने की तैयारी
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को मिल रहा निःशुल्क तीर्थ दर्शन का अवसर….
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को मिल रहा निःशुल्क तीर्थ दर्शन का अवसर….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका : संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा….
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका : संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
‘सेवा सेतु’ केन्द्र के माध्यम से दिलीप कुमार को एक दिन में मिला जाति प्रमाण पत्र….
‘सेवा सेतु’ केन्द्र के माध्यम से दिलीप कुमार को एक दिन में मिला जाति प्रमाण पत्र….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित….
आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Rohit Sharma
मोबाइल - 7062483333
ईमेल -
कार्यालय - Naya Para,Dau Mil Gali Jagdalpur - 494001
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?