By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Express News Today > Blog > राजनीती > विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं
राजनीती

विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं

News Desk
Last updated: 2025/01/09 at 5:30 PM
News Desk
Share
8 Min Read
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं
SHARE

विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं। वह ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है। इसमें सियासतदां होना जरूरी नहीं, लेकिन लिखावट में कसावट और पोस्ट में तुकबंदी होनी चाहिए। साथ में पहुंच भी लाखों में हो। वहीं, अलग-अलग इलाकों में सक्रिय यूट्यूबर भी इसमें फिट हैं।

नाम उजागर न करने की शर्त पर पार्टी रणनीतिकार भी मानते हैं कि इस तरह का चलन इस चुनाव में तेजी से बढ़ा है। पूर्वांचल, उत्तराखंड, पंजाब समेत ऐसे राज्यों से दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बुलाए जा रहे हैं, जिनकी स्थानीय पहचान है। दिल्ली में इनको उसी इलाके में भेजा जा रहा है, जहां उनके प्रदेश के लोगों की आबादी ज्यादा है। इनकी रील्स, यूट्यूब ब्लॉग, मीम्स, कार्टून, फोटो पोस्ट, छोटे-छोटे, लेकिन प्रभावी पॉडकास्ट व सनसनीखेज खबरों के जरिये आम यूजर की जिंदगी में दबे पांव सियासी संदेश घोला जा रहा है। इन्फ्लूएंसर व यू-ट्यूबर को इसके बदले अच्छी कीमत का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। आलम यह है कि जितनी अधिक फॉलोइंग, हर पोस्ट के लिए उतनी ही अधिक रकम भी।

नाव में होगा सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल
राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया की परामर्शदाता कंपनी दक्ष न्यू कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर आशुतोष मिश्रा बताते है कि यू-ट्यूब समेत सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली चुनाव में बड़ा बाजार बनकर उभरे हैं। इससे पलक झपकते ही नेताजी के बयान, दिनचर्या और सियासी मुद्दे बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। त्वरित टिप्पणी या बार-पलटवार एक क्लिक पर लोगों की नजरों के सामने होता है। अपने पसंददीदा कंटेंट क्रिएटर को किसी पार्टी की तारीफ करते देख लोग उस पर जल्दी भरोसा भी कर लेते हैं।

मुंबई की सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी की एक्सपर्ट स्वीटी टंडन बताती हैं कि सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है, जिससे हम हर घर तक दस्तक दे सकते हैं। इन दिनों हर हाथ में मोबाइल है। चाहे वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने बाले लोग हों या रेहड़ी-पटरी वाले। काम के बीच में या बोर होने पर लोग इंस्टा पर रील देख लेते हैं या यूट्यूब पर अपने गांव के व्लॉगर का चैनल खोजते हैं। डेटा अनलिमिटेड है ही।

दिल्ली में बसे पहाड़ के लोगों में लोकप्रिय एक हास्य कलाकार की फॉलोइंग करीब एक लाख है। उनका कहना है कि बीते एक सप्ताह से इनबॉक्स में अलग-अलग दलों से मैसेज आए हैं। हर वीडियो पर हजारों रुपये देने का ऑफर है। इसके बदले में उनके पक्ष में वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करना होगा।राजनीतिक दलों की निगाहें ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है।

विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं। वह ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है। इसमें सियासतदां होना जरूरी नहीं, लेकिन लिखावट में कसावट और पोस्ट में तुकबंदी होनी चाहिए। साथ में पहुंच भी लाखों में हो। वहीं, अलग-अलग इलाकों में सक्रिय यूट्यूबर भी इसमें फिट हैं।

नाम उजागर न करने की शर्त पर पार्टी रणनीतिकार भी मानते हैं कि इस तरह का चलन इस चुनाव में तेजी से बढ़ा है। पूर्वांचल, उत्तराखंड, पंजाब समेत ऐसे राज्यों से दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बुलाए जा रहे हैं, जिनकी स्थानीय पहचान है। दिल्ली में इनको उसी इलाके में भेजा जा रहा है, जहां उनके प्रदेश के लोगों की आबादी ज्यादा है। इनकी रील्स, यूट्यूब ब्लॉग, मीम्स, कार्टून, फोटो पोस्ट, छोटे-छोटे, लेकिन प्रभावी पॉडकास्ट व सनसनीखेज खबरों के जरिये आम यूजर की जिंदगी में दबे पांव सियासी संदेश घोला जा रहा है। इन्फ्लूएंसर व यू-ट्यूबर को इसके बदले अच्छी कीमत का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। आलम यह है कि जितनी अधिक फॉलोइंग, हर पोस्ट के लिए उतनी ही अधिक रकम भी।

दिलचस्प यह, एक्स पर पोस्ट/रिपोस्ट करने से लेकर इंस्टाग्राम में 24 घंटों के लिए स्टोरी डालने की कीमत महज 300 रुपये से शुरू है। इसमें आपको पैसे देने वाली पार्टी की बढ़ाई या उसके द्वारा किए गए कार्य को हाईलाइट करना होगा। ये रकम यूट्यूब व्लॉग या इंस्टा रील तक पहुंचते-पहुंचते पांच से दस हजार रुपये तक भी पहुंच जाती है। एक्स पर राजनीतिक पेजों के डीएम पर इसको लेकर हजारों रुपये के प्रस्ताव हैं। कई मामलों में तीस से पचास हजार रुपये तक भी दिए जा रहे हैं।

चुनाव में होगा सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल
राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया की परामर्शदाता कंपनी दक्ष न्यू कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर आशुतोष मिश्रा बताते है कि यू-ट्यूब समेत सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली चुनाव में बड़ा बाजार बनकर उभरे हैं। इससे पलक झपकते ही नेताजी के बयान, दिनचर्या और सियासी मुद्दे बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। त्वरित टिप्पणी या बार-पलटवार एक क्लिक पर लोगों की नजरों के सामने होता है। अपने पसंददीदा कंटेंट क्रिएटर को किसी पार्टी की तारीफ करते देख लोग उस पर जल्दी भरोसा भी कर लेते हैं।

मुंबई की सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी की एक्सपर्ट स्वीटी टंडन बताती हैं कि सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है, जिससे हम हर घर तक दस्तक दे सकते हैं। इन दिनों हर हाथ में मोबाइल है। चाहे वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने बाले लोग हों या रेहड़ी-पटरी वाले। काम के बीच में या बोर होने पर लोग इंस्टा पर रील देख लेते हैं या यूट्यूब पर अपने गांव के व्लॉगर का चैनल खोजते हैं। डेटा अनलिमिटेड है ही।

दिल्ली में बसे पहाड़ के लोगों में लोकप्रिय एक हास्य कलाकार की फॉलोइंग करीब एक लाख है। उनका कहना है कि बीते एक सप्ताह से इनबॉक्स में अलग-अलग दलों से मैसेज आए हैं। हर वीडियो पर हजारों रुपये देने का ऑफर है। इसके बदले में उनके पक्ष में वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करना होगा।

You Might Also Like

कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में कांग्रेस की किरकिरी, रेड्डी सरकार पर संकट?

फिर भड़के हरियाणा के कद्दावर नेता अनिल विज बोले- मंत्री पद छीन लो…गाड़ी भी ले लो

कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान, डीके ने खेला खेल

पीएम मोदी का बड़ा संदेश कहा- थाली-घंटी बजाते हुए वोट डालने जाएं

भाजपा सरकार आई तो तीन साल में बन जाएगा यमुना रिवर फ्रंट 

News Desk January 9, 2025 January 9, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article स्वामी आत्मानंद स्कूल तखतपुर में एसिड अटैक, बुरी तरह झुलसा छात्र स्वामी आत्मानंद स्कूल तखतपुर में एसिड अटैक, बुरी तरह झुलसा छात्र
Next Article तृप्ति डिमरी, बोलीं- मुझे आजादी पसंद है तृप्ति डिमरी, बोलीं- मुझे आजादी पसंद है
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
छत्तीसगढ़ राज्य
सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम
सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -
कार्यालय -
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?