By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: मप्र धार्मिक स्थलों का पानी सबसे प्रदूषित
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
मध्यप्रदेशराज्य

मप्र धार्मिक स्थलों का पानी सबसे प्रदूषित

News Desk
Last updated: 2024/12/23 at 11:00 PM
News Desk
Share
4 Min Read
मप्र धार्मिक स्थलों का पानी सबसे प्रदूषित
SHARE

भोपाल। मप्र को नदियों का मायका कहा जाता है क्योंकि यह एक ऐसा राज्य है जहां 200 से ज्यादा छोटी-बड़ी नदियां बहती हैं. इसके बावजूद दो दर्जन से ज्यादा ऐसी नदियां हैं जो प्रदूषित हो चुकी हैं। इनमें से क्षिप्रा, बेतवा, नर्मदा नदियां तो ऐसी हैं कि इनका पानी पीना तो दूर आचमन करने लायक भी नहीं बचा है। खासकर इन नदियों के किनारे स्थिति धार्मिक स्थलों का पानी सबसे अधिक प्रदूषित इै। इसका खुलासा मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) की रिपोर्ट में हुआ है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार मप्र की 89 नदियां ऐसी हैं, जिनमें सालभर पानी रहता है। एमपीपीसीबी ने इन नदियों के रूट पर 293 स्थानों पर पानी की जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि 197 जगहों का पानी ए-कैटेगरी का है। जबकि 96 स्थानों पर पानी की गुणवत्ता खराब पाई गई। इनमें से 60 से अधिक स्थान धार्मिक स्थलों के पास हैं। यहां का पानी आचमन या स्नान तो छोडि़ए हाथ धोने के लायक भी नहीं है।

विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश की गई एमपीपीसीबी की 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में नदियों के पानी की गुणवत्ता की वार्षिक औसत स्थिति के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट में इंदौर की कान्ह (खान) नदी को सबसे प्रदूषित बताया गया है। उज्जैन की क्षिप्रा नदी की स्थिति भी खराब है। देवास की छोटी कालीसिंध नदी सूखने से उसकी जांच नहीं हो सकी। एमपीपीसीबी ने 5 कैटेगरी में गुणवत्ता जांची है। ए-कैटेगरी का पानी रोगाणु मुक्त होता है। इसे बिना किसी परंपरागत उपचार के सीधे पीने के है। बी-कैटेगरी में रोगाणु (जैसे बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्मजीव) पाए जाते हैं। यह धुलाई या सफाई के लिए उपयुक्त है। सी-कैटेगरी के पानी में अतिरिक्त हैवी मेटल और अन्य प्रदूषक तत्व होते हैं। डी-कैटेगरी के पानी का रंग पूरी तरह काला हो जाता है। ई-कैटेगरी के पानी उद्योगों से निकले अपशिष्ट या अत्यधिक घातक प्रदूषण से प्रभावित होता है।

इन घाटों पर प्रदूषित पानी

एमपीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार कान्ह सबसे ज्यादा प्रदूषित नहीं है। वहीं चंबल का पानी भी डी-कैटेगरी का है। बेतवा नदी में मंडीदीप के अपस्ट्रीम और नयापुरा डाउनस्ट्रीम पर पानी सी- कैटेगरी का है। यह पानी नहाने के योग्य भी नहीं है। भोजपुर मंदिर ब्रिज और विदिशा के चरणतीर्थ घाट पर भी पानी बी-कैटेगरी का है। चंबल नदी में उज्जैन के जूनानागदा, इटलावदा, गीदघर में पानी डी-कैटेगरी का है। राजगढ़, ताल रोड ब्रिज के पास पानी सी-कैटेगरी का है। क्षिप्रा नदी में देवास के एबी रोड जलप्रदाय केंद्र पर पानी ए-कैटेगरी का है। हवनखेड़ी नागदमन से पानी डी-कैटेगरी में आ जाता है।

उज्जैन के गोघाट, रामघाट, सिद्धवटघाट से महिदपुर तक पानी काला और डी-कैटेगरी का है। मंदाकिनी नदी में चित्रकूट में उद्गम स्थल पर पानी ए-कैटेगरी का है। स्फटिक शिला से रामघाट तक पानी बी-कैटेगरी का है। कान्ह (खान) नदी मेें इंदौर के लीम्बोडी शिवधाम में पानी डी-कैटेगरी का है। कमला नेहरू पार्क, अहिल्या आश्रम, खाटीपुरा, और धान खेड़ी में पानी ई-कैटेगरी का है। क्षिप्रा से मिलने से पहले रामवासा में पानी डी-कैटेगरी का है। नर्मदा नदी में अमरकंटक के पास पुष्पकर डैम, कपिलधारा, और बुदनी क्षेत्र में पानी बी-कैटेगरी का है। पार्वती नदी में सीहोर में पानी बी-कैटेगरी का है, लेकिन जिले से बाहर निकलते ही ए-कैटेगरी का हो जाता है।

शिवना नदी में मंदसौर में रामघाट पर पानी ए-कैटेगरी का है। लेकिन पशुपतिनाथ मंदिर के पास पानी सी- केटेगरी का है। तमसा (टोंस) नदी में सतना के बरधिया घाट पर पानी बी-कैटेगरी का है, जबकि रीवा में ए-कैटेगरी का है।

You Might Also Like

कोरबा के प्रथम पीपल-वट उद्यान में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया वृक्षारोपण, पीपल-वट उद्यान को हरा-भरा एवं आकर्षक बनाने के साथ बच्चों के लिए मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने पर दिया जोर….

सेवा की कहानी : हर बच्चे के विकास पर नजर, समय पर मिल रही सही सलाह और विशेषज्ञ सेवाएं, पोषण माह 2026 में बच्चों के विकास की निगरानी और देखभाल पर विशेष जोर…..

‘सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव…..

डिजिटल और पारदर्शी राजस्व प्रशासन : जनहित में सुशासन का नया अध्याय…..

जंगल से बाजार तक पहुंचा महुआ, CM विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में बदली तस्वीर; जनजातीय परिवारों और महिला समूहों को मिल रही नई आजीविका…..

News Desk December 23, 2024 December 23, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article मंत्री सारंग ने खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर छोला के रिंग रोड का किया निरीक्षण मंत्री सारंग ने खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर छोला के रिंग रोड का किया निरीक्षण
Next Article पॉवर जनेटिंग कंपनी के सिंगाजी ताप विद्युत गृह को मिला प्रतिष्ठित कलिंगा सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड पॉवर जनेटिंग कंपनी के सिंगाजी ताप विद्युत गृह को मिला प्रतिष्ठित कलिंगा सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

PF New Rule: बेसिक ₹30, ₹40 या ₹50 हजार है तो कितना कटेगा PF? जानें EPFO का नियम
PF New Rule: बेसिक ₹30, ₹40 या ₹50 हजार है तो कितना कटेगा PF? जानें EPFO का नियम
देश
8वें वेतन आयोग में OPS की बहाली होगी या NPS रहेगा? कर्मचारियों की नजर
8वें वेतन आयोग में OPS की बहाली होगी या NPS रहेगा? कर्मचारियों की नजर
देश
रूस से तेल खरीद पर US को जेमी डिमॉन की नसीहत, बोले- भारत पर कार्रवाई से पहले सोचें
रूस से तेल खरीद पर US को जेमी डिमॉन की नसीहत, बोले- भारत पर कार्रवाई से पहले सोचें
देश
कोरबा के प्रथम पीपल-वट उद्यान में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया वृक्षारोपण, पीपल-वट उद्यान को हरा-भरा एवं आकर्षक बनाने के साथ बच्चों के लिए मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने पर दिया जोर….
कोरबा के प्रथम पीपल-वट उद्यान में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया वृक्षारोपण, पीपल-वट उद्यान को हरा-भरा एवं आकर्षक बनाने के साथ बच्चों के लिए मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने पर दिया जोर….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Rohit Sharma
मोबाइल - 7062483333
ईमेल -
कार्यालय - Naya Para,Dau Mil Gali Jagdalpur - 494001
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?