By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: केंद्र राज्य की एक जैसी योजनाएं होंगी मर्ज
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Express News Today > Blog > राज्य > मध्यप्रदेश > केंद्र राज्य की एक जैसी योजनाएं होंगी मर्ज
मध्यप्रदेशराज्य

केंद्र राज्य की एक जैसी योजनाएं होंगी मर्ज

Last updated: 2024/09/27 at 11:00 AM
Share
6 Min Read
केंद्र राज्य की एक जैसी योजनाएं होंगी मर्ज
SHARE

भोपाल। मोहन सरकार ने तय किया है कि अब कोई भी विभाग नई योजना का ऐलान खुद नहीं करेगा बल्कि वित्त विभाग द्वारा इसका प्रावधान किया जाएगा। इसके सरकार ही जिन विभागों की योजनाएं अब उपयोगी नहीं रह गई हैं, उन्हें अगले वित्त वर्ष में बंद कर दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अगर एक समान हैं तो राज्य की योजना को केंद्र में मर्ज करने की कार्यवाही की जाएगी। कोई भी विभाग अगर नई योजना लाना चाहता है तो उसका पूरा डेटा वित्त विभाग को बताना होगा।
वित्त विभाग ने ये निर्देश सभी विभागों को जारी किए हैं। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में खर्च होने वाली राशि और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में विभागों के बजट और योजनाओं को लेकर होने वाली बैठकों और बजट अनुमान पर प्लान विभागों से मांगा है। विभाग ने कहा है कि वर्ष 2025-26 के लिए जीरो बजटिंग प्रक्रिया पर बजट पर चर्चा होगी और इसे अंतिम दौर में फाइनल किया जाएगा।
जीरो बजटिंग प्रक्रिया में हर विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह ऐसी योजनाओं को चिन्हित करे जो वर्तमान में अपनी उपयोगिता खो चुकी हैं और जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। इसके अलावा विभाग द्वारा संचालित समान उद्देश्य की योजनाओं का संविलयन भी किया जा सकता है। बजट प्रक्रिया में हर विभाग द्वारा प्रस्तावित बजट अनुमान को शुरू से ही विस्तार के साथ बताना होगा और न केवल उसे उचित बताने का कारण बताया जाएगा बल्कि योजना के अंतर्गत राशि को क्यों खर्च किया जाना है और राशि के सुनियोजित तरीके से उपयोग के संबंध में तर्क भी वित्त विभाग को बताने होंगे।
वित्त विभाग ने कहा है कि नई योजना के प्रस्ताव विभागों द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति के साथ भेजने होंगे। नई योजनाएं वित्त विभाग के स्तर पर खोली जाएंगी। प्रशासकीय विभाग द्वारा सक्षम अधिकारियों से अनुमोदन के बाद बजट चर्चा के पहले संक्षेपिका समेत प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजेंगे। भारत सरकार के बजट प्रस्ताव में शामिल नई योजनाओं के संबंध में भारत सरकार के बजट में स्पष्ट प्रावधान होने पर ही नई योजना प्रस्तावित की जाएगी। अगर वित्तीय वर्ष में योजना शुरू होने की संभावना हो तो प्रतीक प्रावधान के साथ प्रस्ताव भेजे जा सकेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकार की ऐसी योजनाएं जिनका एक ही कार्य के लिए संचालन हो रहा है, राज्य शासन की ऐसी योजनाओं को केंद्र की योजनाओं में सम्मिलित करने के लिए प्रशासकीय विभाग विचार करेंगे। विभाग अपने कम्पनी, निगम, मंडल, प्राधिकरण, सहकारी संस्थाएं, अन्य संस्थाओं द्वारा आफ बजट के माध्यम से अतिरिक्त संसाधनों ऋण आदि की उपलब्धता की जानकारी देंगे। आफ बजट से आशय ऐसे ऋण से है जो राज्य सरकार के एकाउंट में प्रदर्शित नहीं होते हैं।
वर्ष 2025-26 के लिए जीरो बेस बजटिंग पर काम किया जाएगा। इस व्यवस्था में प्रशासकीय विभाग की जिम्मेदारी होगी कि बजट तैयार करते समय पिछले वर्ष के बजट और खर्च के साथ गणना की इकाई और हितग्राहियों की संख्या को आधार बनाकर योजनावार प्रस्ताव दिए जाएंगे। प्रशासकीय विभाग द्वारा विभाग में चल रहे कार्यक्रमों और अन्य एक्टिविटीज की योजना वार गणना की दोबारा समीक्षा की जाएगी ताकि विभाग में संचालित योजनाओं की उपयोगिता का सटीक आकलन किया जा सके। विभाग को यह बताना होगा कि पिछले सालो के बजट के संदर्भ में प्रस्तावित बजट अनुमान का आधार क्या होगा? इसी के आधार पर वर्तमान योजनाओं, कार्यक्रमओं और गतिविधियों के लिए फाइनेंस के इंतजाम और औचित्य पर फोकस कर बजट तय किया जा सकेगा। 31 मार्च तक विभागों के जिन मदों में बचत की संभावना हो, उसे सरेंडर किया जाए और यह कार्यवाही 15 जनवरी 2025 तक आईएफएमआईएस से की जाए। अगर योजना के बचत की राशि को किसी दूसरे मद में पुनर्विनियोजित किया जाना है तो उसका एस्टीमेटेड अनुमान कम किया जाए और जहां राशि भेजना है उसका एस्टीमेटेड बजट अनुमान बढ़ाया जाए।
प्रशासकीय विभागों द्वारा आगामी वर्ष के बजट अनुमान का प्रस्ताव आईएफएमआईएस के माध्यम से वित्त विभाग में भेजने का काम 31 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा। नई योजनाओं के प्रस्ताव वित्त विभाग में 5 दिसम्बर 2024 तक भेजे जाएंगे। बजट प्रस्तावों पर विभागीय अधिकारियों विभागाध्यक्ष और वित्त के उपसचिव के साथ चर्चा एक नवम्बर से 15 दिसम्बर 2024 तक होगी। बजट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत विभागों द्वारा जानकारी भेजने का काम एक जनवरी 2025 तक किया जाएगा। बजट प्रस्तावों पर विभागों के प्रमुख सचिवों और सचिवों के साथ बैठक 23 दिसम्बर से 15 जनवरी तक होगी। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 में की गई भूमि आवंटन (रियायती) तथा 31 दिसम्बर तक बकाया गारंटी की जानकारी वित्त विभाग को 15 जनवरी तक भेजना होगी। वित्त मंत्री की अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ बजट प्रस्तावों पर चर्चा 27 से 30 जनवरी 2025 तक होगी। वित्त विभाग की विभागों के मंत्रियों के साथ बजट भाषण पर चर्चा और विभाग से जानकारी लेने का काम 15 जनवरी तक होगा। 31 मार्च 2025 तक विभागों की राशि सरेंडर करने के लिए प्रस्ताव लेने का काम 31 मार्च तक किया जाएगा।

You Might Also Like

रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश

रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी

रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी

सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम

बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने उनके बीच पहुँचे मुख्यमंत्री साय: अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

September 27, 2024 September 27, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article भारत का शुक्रयान 2028 में लॉन्च होगा
Next Article बोइरपड़ाव से अच्छी खबर : नेचर कैंप के आसपास चीतल, जंगली सूअर, भालू, तेंदुआ और मोर झुंड, बढ़ीआबादी
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
छत्तीसगढ़ राज्य
सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम
सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -
कार्यालय -
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?