By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: बड़ी मुश्किल से निकल रही सोयाबीन की लागत
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
मध्यप्रदेशराज्य

बड़ी मुश्किल से निकल रही सोयाबीन की लागत

Last updated: 2024/09/11 at 10:45 AM
Share
5 Min Read
SHARE

भोपाल । सोयाबीन की फसल तैयार होकर मंडी में आने में 20 दिन का समय लगेगा लेकिन फसल आने से पहले ही सोयाबीन के दाम लगातार कम हो रहे थे, लगातार  सोशल मीडिया पर सोयाबीन के समर्तन मूल्य पर 6000 प्रति क्विटल की मांग कर डाली है और किसानो  फेसबुक, व्हाट्सएप , ट्विटर पर खूब चल रहे है। सोयाबीन के घटे दामों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद की घोषणा की है। हैरानी यह कि सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले राज्य मप्र में खरीद नहीं होगी। महाराष्ट्र में भी उत्पादन 50 लाख टन के आसपास था। सोयाबीन उत्पादन में तीसरे नंबर पर राजस्थान और फिर गुजरात, छत्तीसगढ़ व अन्य राज्य आते हैं। हैरानी यह कि केंद्र ने बड़े उत्पादक राज्यों में से सिर्फ एक राज्य महाराष्ट्र को ही खरीद सूची में रखा है। घटे दामों के खिलाफ मप्र के किसान लगातार आंदोलनरत हैं। केंद्र की घोषणा के अनुसार सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में की जाएगी। प्रदेश के किसान न केवल ठगा महसूस कर रहे हैं और तेलंगाना और कर्नाटक का नाम शामिल होने से हैरान भी हैं। चुनावी राजनीति को इससे जोड़ा जा रहा है।
किसानों का कहना है कि लगातार डीजल पेट्रोल, पेस्टिसाइड, मजदूरी बढ़ती जा रही है लेकिन पिछले चार-पांच सालों में सोयाबीन के दाम कम ही हो रहे हैं। किसानों का कहना है की लागत बढ़ रही है और दाम सही नहीं मिलने से नुकसान हो रहा है। किसानों ने  बताया कि प्रति बिघा 10000 रू के करीब खर्च हो रहा है सोयाबीन का उत्पादन तीन से 4 क्विटल प्रति बीघा रहता है वर्तमान में दम 4200से 4400 रुपए के नीचे प्रति कुंतल चल रहे हैं जो कि समर्थन मूल्य से भी कम अभी से हैं। ऐसे में किसानों को आने वाली फसल सोयाबीन का दाम ठीक नहीं मिलने की चिंता साफ झलक रही है किसानों ने सोशल मीडिया पर 6000 रू प्रति क्विटल सोयाबीन की मांग कर डाली है और इसे खूब वायरल किया जा रहा है जो इस समय चर्चा का विषय भी बना हुआ है।
मालवा प्रांत के भारतीय किसान संघ के संगठन मंत्री  अतुल माहेश्वरी का कहना है कि मप्र में सोयाबीन के कम दामों को लेकर 16 सितंबर को आंदोलन कर रहे हैं। न सिर्फ सोयाबीन बल्कि हर फसल की सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद करे और हर राज्य से समान रूप से खरीद हो। मध्य प्रदेश से भी खरीद होना चाहिए। हम यह मांग भी उठा रहे हैं।   सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4892 रुपये घोषित किया गया है। बाजार में इस समय सोयाबीन के दाम 4000 से 4600 रुपये क्विंटल ही हैं। सोपा के अनुसार मप्र में सोयाबीन का उत्पादन बीते सीजन में करीब 52 लाख टन रहा। गर्मियों में हकाई जुताई 1500 रू., रोटावेटर 500 रू. बीज एवं उपचार 2500 रू. निंदाई गुड़ाई बोवनी 1500 रू. खरपतवार नाशक ओर इल्ली पेस्टिसाइड के तीन/चार स्प्रे 1500 रू. हार्वेस्टिंग कटाई और सफाई 1200-1500 रु मजदूरी, घर-मंडी तक का भाड़ा 1000 रु.। केंद्र सरकार सालभर से खाद्य तेल का शुल्क मुक्त आयात कर रही है। सस्ता विदेशी तेल देश में आने से स्थानीय सोयाबीन के दाम घट गए हैं। दि सोयाबीन प्रोसेसर्स आफ इंडिया (सोपा) ने बीते दिनों केंद्र से मांग रखी थी कि तेल के आयात पर ड्यूटी बढ़ा दी जाए। इससे सस्ता विदेशी तेल नहीं आएगा तो स्थानीय किसानों का सोयाबीन मिलें अच्छे दाम पर खरीदेंगी। सोपा के डायरेक्टर डीएन पाठक के कहते हैं महाराष्ट्र तो मप्र के बराबरी से सोयाबीन उत्पादन करता है। तेलंगाना और कर्नाटक में तो बमुश्किल 3 लाख टन उत्पादन होता है। हमें उम्मीद है मध्य प्रदेश का नाम भी जुड़ेगा और आगे तेल पर आयात ड्यूटी भी बढ़ाई जाएगी। हालांकि सरकार सोयाबीन खरीदकर भी खुद तो तेल बना नहीं सकती। आगे-पीछे वो सोयाबीन मिलों के पास ही आएगा।

You Might Also Like

छत्तीसगढ़ में गति पकड़ता राजस्व न्याय, रिकॉर्ड 81.35 प्रतिशत प्रकरणों के निपटारे से राजस्व अदालतों में आई अभूतपूर्व तेज़ी, ​प्रशासनिक इच्छाशक्ति से आम जन को सीधी राहत…..

कौशल से सशक्त होंगे निर्माण श्रमिक, रोजगार के अवसरों को मिलेगी नई उड़ान, 200 निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों को मिलेगा 480 घंटे का आवासीय तकनीकी प्रशिक्षण…..

स्मार्ट सिटी के हर प्रोजेक्ट की बनेगी एसओपी, संचालन से कमाई तक का खाका होगा तैयार, प्रोजेक्ट्स की दीर्घकालिक उपयोगिता तय होगी, बेहतर इस्तेमाल और राजस्व सृजन पर फोकस…..

‘सेवा के रंग’ से जन-जन तक पहुंचा रहे विकसित भारत का संकल्प : उप मुख्यमंत्री अरुण साव….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस में आग लगने से हुई जनहानि पर व्यक्त किया गहरा शोक…..

September 11, 2024 September 11, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article भारत का विरोध करने वाली सांसद से मिलकर बुरे घिरे राहुल गांधी, भाजपा हमलावर; वायरल हुई फोटो… भारत का विरोध करने वाली सांसद से मिलकर बुरे घिरे राहुल गांधी, भाजपा हमलावर; वायरल हुई फोटो…
Next Article व्लादिमीर पुतिन आपको खा जाएंगे; तीखी बहस में कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप को क्या-क्या सुनाया… व्लादिमीर पुतिन आपको खा जाएंगे; तीखी बहस में कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप को क्या-क्या सुनाया…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

IRDAI के प्रस्ताव से बीमा शेयरों में भूचाल, 36% तक टूटे स्टॉक्स
IRDAI के प्रस्ताव से बीमा शेयरों में भूचाल, 36% तक टूटे स्टॉक्स
व्यापार
Asian Games: भारत को मिला दूसरा गोल्ड, शूटिंग में कमाल
Asian Games: भारत को मिला दूसरा गोल्ड, शूटिंग में कमाल
खेल
अमेरिका का MQ-20 ड्रोन फाइटर जेट तैयार, बिना पायलट करेगा ऑटोनॉमस मिशन
अमेरिका का MQ-20 ड्रोन फाइटर जेट तैयार, बिना पायलट करेगा ऑटोनॉमस मिशन
विदेश
स्कूलों के बाहर चिप्स-कोल्ड ड्रिंक पर लग सकता है बैन, सरकार ला रही नया नियम
स्कूलों के बाहर चिप्स-कोल्ड ड्रिंक पर लग सकता है बैन, सरकार ला रही नया नियम
देश
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Rohit Sharma
मोबाइल - 7062483333
ईमेल -
कार्यालय - Naya Para,Dau Mil Gali Jagdalpur - 494001
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?