By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Express News TodayExpress News Today
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: मप्र में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Express News TodayExpress News Today
Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Express News Today > Blog > राज्य > मध्यप्रदेश > मप्र में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला
मध्यप्रदेशराज्य

मप्र में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला

Last updated: 2024/08/21 at 8:44 AM
Share
2 Min Read
मप्र में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला
SHARE

भोपाल । मप्र में ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी होना चाहिए या 27 पर्सेंट होना चाहिए इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट अब फैसला लेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर याचिकाएं मंजूर कर ली और सभी पक्षकारों और मप्र शासन को भी नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई अक्टूबर में संभावित है। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करते हुए जस्टिस बीआर गवाई और जस्टिस केवी विश्वनाथन के सामने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आदित्य संघी का कहना है कि संवैधानिक बेंच ने 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण पर रोक लगाई है, लेकिन इसके बाद भी मप्र सरकार ने आरक्षण बढ़ाते हुए इसे 63 फीसदी कर दिया है। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण में भी अतिरिक्त आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने अमान्य किया। इसी तरह बिहार के मामले में भी 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण को आमान्य किया जा चुका है। ऐसे में मप्र में भी 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। करीब 85 याचिकाएं लगी है, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
अधिवक्ता सांघी का कहना है कि मार्च 2019 में इस आरक्षण के विरुद्ध हमने हाईकोर्ट में स्टे लिया था। उसमें लगातार सुनवाई हुई। लेकिन फैसले के पूर्व मध्य शासन द्वारा इसमें ट्रांसफर याचिका लगा दी गई। इसके बाद 100 फीसदी भर्ती करने की जगह 87-13 का फॉर्मूला लागू कर दिया गया। हाईकोर्ट में अगर यह मामला जाता है तो फिर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा और जो भी फैसला आएगा एक बार फिर से इसमें मामला सुप्रीम कोर्ट में ही आएगा। इससे अभ्यर्थी और परेशान होंगे इसलिए निवेदन है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पूरी सुनवाई करे और फैसला दे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले को स्वीकार कर लिया और सभी पक्ष को नोटिस जारी किया है। खास तौर से मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा गया है कि 27 फीसदी आरक्षण क्यों और कैसे किया गया है? दूसरा यह 87-13 के फॉर्मूला से भर्ती क्यों की गई है?

You Might Also Like

रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश

रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी

रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी

सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम

बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने उनके बीच पहुँचे मुख्यमंत्री साय: अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

August 21, 2024 August 21, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article बबीता के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं विनेश बबीता के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं विनेश
Next Article  रेल रोको आंदोलन से 10 घंटे बाधित रहा कल्याण-पुणे मार्ग   रेल रोको आंदोलन से 10 घंटे बाधित रहा कल्याण-पुणे मार्ग 
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
रायपुर : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश
छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
छत्तीसगढ़ राज्य
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
रायपुर : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी
छत्तीसगढ़ राज्य
सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम
सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम
छत्तीसगढ़ राज्य
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -
कार्यालय -
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?